Radhika Apte ने Telugu Cinema पर फिर रखी अपनी बात, Fair-Skin Casting और Film Sets पर Uncomfortable का किया खुलासा
बॉलीवुड और OTT की जानी-मानी अभिनेत्री Radhika Apte एक बार फिर South Indian film industry को लेकर अपने बयानों की वजह से चर्चा में हैं। अभिनेत्री ने हालिया इंटरव्यू में South Indian फिल्मों की casting practices, North Indian actresses को मिलने वाली प्राथमिकता और language barrier पर खुलकर बात की। उन्होंने सवाल उठाया कि South Indian फिल्मों में स्थानीय प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों की जगह North India से आने वाली actresses को क्यों चुना जाता है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब Radhika के पुराने इंटरव्यू और Telugu film industry में काम करने के दौरान हुए उनके अनुभव भी दोबारा चर्चा में हैं। अभिनेत्री पहले भी Telugu cinema को male-dominated और patriarchal बता चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने कुछ South Indian film sets पर uncomfortable परिस्थितियों का सामना करने की बात भी साझा की थी।
Radhika Apte ने South Films की Casting पर उठाए सवाल
28 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित ThePrint और Times of India की रिपोर्ट्स के मुताबिक, Radhika Apte ने Galatta और News18 के साथ बातचीत में South Indian cinema में casting को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि उनके विचार से पहले North Indian actresses को South Indian फिल्मों में इसलिए भी cast किया जाता था क्योंकि उनका skin tone fair होता था।
Radhika ने इस preference को गलत बताते हुए कहा कि South India में कई खूबसूरत और talented actresses मौजूद हैं, जिन्हें अपनी भाषा और संस्कृति की अच्छी समझ है। उनके मुताबिक, स्थानीय कलाकारों को South Indian फिल्मों में अधिक अवसर मिलने चाहिए।
अभिनेत्री ने यह भी बताया कि कुछ North Indian actresses क्षेत्रीय फिल्मों में काम तो कर लेती हैं, लेकिन उन्हें उस भाषा की जानकारी नहीं होती। ऐसे में उनके dialogues को किसी दूसरी आवाज में dub किया जाता है। Radhika को यह तरीका हमेशा सहज नहीं लगा।
उन्होंने अपनी बात रखते हुए यह भी स्पष्ट किया कि अगर किसी खास किरदार के लिए किसी विशेष अभिनेत्री की जरूरत है, तो अलग बात है। लेकिन केवल casting preference के आधार पर स्थानीय प्रतिभा को नजरअंदाज करना उन्हें सही नहीं लगता।
Language Barrier की वजह से South Indian Films से बनाई दूरी
Radhika Apte ने अपने हालिया इंटरव्यू में यह भी स्वीकार किया कि South Indian फिल्मों में काम करते हुए language barrier उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था।
उनका मानना है कि acting सिर्फ dialogues याद करके बोलने का नाम नहीं है। किसी scene में अपने co-star की बात समझना, situation के हिसाब से तुरंत प्रतिक्रिया देना और जरूरत पड़ने पर improvisation करना भी अभिनय का हिस्सा है। अगर कलाकार को उस भाषा की समझ नहीं है, तो इन चीजों में मुश्किल हो सकती है।
Radhika ने बताया कि शुरुआत में उन्हें लगता था कि वह किसी भी भाषा में काम कर सकती हैं। उन्होंने अपने करियर में सात अलग-अलग भाषाओं में फिल्में कीं, लेकिन समय के साथ उन्हें महसूस हुआ कि भाषा की जानकारी के बिना किसी किरदार को पूरी गहराई से निभाना कठिन हो सकता है।
इसी वजह से अब वह South Indian projects चुनने से पहले भाषा और किरदार की जरूरतों पर ध्यान देती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी विशेष भूमिका के लिए मेकर्स को लगता है कि वह सही अभिनेत्री हैं, तो वह ऐसे प्रोजेक्ट पर विचार कर सकती हैं।
पुराने Telugu Film Sets के अनुभवों को याद कर चुकी हैं Radhika
Radhika Apte के हालिया बयान के साथ उनका दिसंबर 2025 का एक इंटरव्यू भी फिर से चर्चा में है। SCREEN के Creator X Creator conversation में अभिनेत्री ने बताया था कि शुरुआती करियर के दौरान कुछ South Indian फिल्मों के सेट पर उन्हें काफी मुश्किल अनुभव हुए थे।
उन्होंने एक घटना याद करते हुए बताया कि एक छोटे शहर में शूटिंग के दौरान वह सेट पर अकेली महिला थीं। उस समय कुछ लोगों ने उनके शरीर पर अतिरिक्त padding लगाने की मांग की थी। Radhika ने इस मांग पर सवाल उठाया और कहा कि वह अपने शरीर को और कितना round दिखाएं।
अभिनेत्री ने यह भी बताया था कि उस समय उनके पास न manager था और न agent। उनकी टीम में सभी पुरुष थे और उन्हें अपनी पसंद की टीम रखने की अनुमति भी नहीं दी गई थी। उन्होंने सेट पर महिलाओं को लेकर किए जाने वाले अनुचित मजाक का भी जिक्र किया।
Radhika ने उस अनुभव को traumatic बताया था और कहा था कि वह दोबारा ऐसी स्थिति में नहीं जाना चाहेंगी। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि उन्होंने उस इंटरव्यू में संबंधित फिल्म या किसी व्यक्ति का नाम सार्वजनिक नहीं किया था। इसलिए इस घटना को किसी खास अभिनेता या फिल्म से जोड़ना सही नहीं होगा।
Telugu Cinema को पहले भी Patriarchal बता चुकी हैं अभिनेत्री
Radhika Apte ने साल 2015 में भी Telugu film industry में महिलाओं के साथ होने वाले व्यवहार पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। Rajeev Masand के साथ एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि Telugu industry में काम करना उनके लिए मुश्किल रहा और उन्हें वहां का माहौल male-dominated लगा।
उन्होंने उस समय यह भी कहा था कि फिल्मों में महिलाओं के किरदारों को जिस तरह दिखाया जाता है और सेट पर महिला कलाकारों के साथ जिस तरह व्यवहार किया जाता है, उससे वह सहज नहीं थीं। उनका यह पुराना बयान 2024 में Nandamuri Balakrishna और अभिनेत्री Anjali से जुड़े एक सार्वजनिक कार्यक्रम के विवाद के दौरान फिर वायरल हुआ था।
उस समय सोशल मीडिया पर इस बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं। कुछ लोगों ने Radhika की बातों का समर्थन किया, जबकि कुछ ने उनके अनुभवों के आधार पर पूरी Telugu film industry को लेकर सामान्य निष्कर्ष निकालने पर सवाल उठाए थे।
Radhika Apte की South Film Journey और Akka को लेकर चर्चा
Radhika Apte ने अपने करियर में Hindi के अलावा Telugu, Tamil, Malayalam और अन्य भाषाओं की फिल्मों में भी काम किया है। उनकी Telugu film journey की शुरुआत 2010 में Rakta Charitra से हुई थी। इसके बाद वह Rakta Charitra 2, Dhoni, Legend और Lion जैसी फिल्मों में नजर आईं। उन्होंने Rajinikanth के साथ Tamil film Kabali में भी अहम भूमिका निभाई थी।
उनकी आखिरी South Indian theatrical outing Chithiram Pesuthadi 2 थी, जो 2019 में रिलीज हुई। इसके बाद उन्होंने South Indian projects से दूरी बनाए रखी।
काम की बात करें तो Radhika Apte और Keerthy Suresh की Netflix series Akka भी हाल ही में चर्चा में रही। ThePrint की रिपोर्ट के अनुसार, यह सीरीज 30 अक्टूबर 2026 से Netflix पर streaming के लिए उपलब्ध हुई। इसकी कहानी South India के एक काल्पनिक गांव में दो महिला gangsters के बीच टकराव के इर्द-गिर्द आगे बढ़ती है।
Radhika के हालिया बयान ने एक बार फिर film industry में casting choices, regional representation और कलाकारों की भाषा पर पकड़ जैसे मुद्दों को चर्चा में ला दिया है। अभिनेत्री की बातों का केंद्र केवल उनका अपना करियर नहीं, बल्कि यह सवाल भी है कि क्षेत्रीय फिल्मों में स्थानीय कलाकारों को कितनी जगह मिलती है और सेट पर काम करने वाले कलाकारों की सहजता तथा professional boundaries का कितना ध्यान रखा जाता है।










