Madhu Kambikar Passes Away at 73: मराठी सिनेमा की दिग्गज Actress और Lavani Artist का निधन
मराठी entertainment industry से एक दुखद खबर सामने आई है। Veteran Marathi actress और मशहूर Lavani performer Madhu Kambikar का 12 October 2026 को पुणे में 73 साल की उम्र में निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार थीं और 2016 में हुए paralytic stroke के बाद उन्हें कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। उनके निधन से Marathi cinema, theatre और traditional folk arts की दुनिया में शोक की लहर है।
Madhu Kambikar ने चार दशकों से ज्यादा लंबे career में Marathi films, theatre, television और folk performances के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी powerful acting, सहज expressions और Lavani dance की समझ ने उन्हें महाराष्ट्र के दर्शकों के बीच खास जगह दिलाई। वह उन कलाकारों में शामिल थीं जिन्होंने traditional Maharashtrian folk culture को mainstream cinema और stage तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Madhu Kambikar कौन थीं? जानिए उनका Acting और Lavani Career
Madhu Kambikar का जन्म 28 July 1953 को Maharashtra के Beed district के Malegaon में हुआ था। उन्होंने बहुत कम उम्र में performing arts की दुनिया में कदम रखा और Tamasha तथा Lavani जैसी लोककलाओं से अपनी artistic journey शुरू की। बाद में उन्होंने theatre, Marathi films और television में भी काम किया।
उनका career केवल फिल्मों तक सीमित नहीं था। Madhu Kambikar एक skilled Lavani performer भी थीं और उन्होंने इस पारंपरिक dance form को अपनी पहचान का अहम हिस्सा बनाया। उनके performances में अभिनय और नृत्य का ऐसा मेल देखने को मिलता था, जिसने उन्हें दूसरे कलाकारों से अलग बनाया।
Marathi cinema में उन्होंने कई तरह के किरदार निभाए—मां, परिवार की मजबूत महिला और ग्रामीण जीवन से जुड़े पात्र। उनकी acting की खासियत यह थी कि वह छोटे से छोटे role में भी emotional depth और authenticity लेकर आती थीं।
Shapit और Ek Hota Vidushak जैसी फिल्मों से मिली पहचान
Madhu Kambikar की filmography में कई यादगार Marathi films शामिल हैं। उनकी चर्चित फिल्मों में Shapit (1982), Ek Hota Vidushak (1992), Hech Majha Maher, Raghu Maina, Zhapatlela, Debu और Majha Chakula जैसी फिल्में शामिल हैं। इन projects में उनके performances ने Marathi cinema में उनकी पहचान मजबूत की।
Shapit उनके career की अहम फिल्मों में गिनी जाती है, जबकि Ek Hota Vidushak Marathi cinema की उल्लेखनीय फिल्मों में शामिल है। इन फिल्मों के जरिए उन्होंने यह दिखाया कि वह केवल एक तरह के किरदार तक सीमित नहीं थीं, बल्कि अलग-अलग emotional और dramatic roles को प्रभावी ढंग से निभा सकती थीं।
उनकी acting style में theatrical training और folk performance का असर दिखाई देता था। यही वजह थी कि वह ग्रामीण पृष्ठभूमि वाले किरदारों और पारिवारिक कहानियों में स्वाभाविक लगती थीं।
Hindi Cinema में भी किया काम
Madhu Kambikar का काम Marathi cinema तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने कुछ Hindi फिल्मों में भी अभिनय किया, जिनमें Shola Aur Shabnam (1992), Hum Dono (1995) और Yeshwant (1997) शामिल हैं। Hum Dono और Yeshwant में उन्होंने Nana Patekar की मां का किरदार निभाया था।
Hindi films में उनकी मौजूदगी ने उन्हें Marathi cinema से बाहर के दर्शकों तक भी पहुंचाया। भले ही उनकी सबसे बड़ी पहचान Marathi films और Lavani performances से जुड़ी रही, लेकिन Hindi cinema में निभाए गए उनके supporting roles भी उनके लंबे career का हिस्सा हैं।
उनका निधन ऐसे समय हुआ है जब film industry पहले से ही veteran actor Nana Patekar के निधन पर शोक मना रही है। दोनों कलाकारों के बीच पर्दे पर मां-बेटे का रिश्ता दर्शाने वाले roles को लेकर भी दर्शक उन्हें याद कर रहे हैं।
Madhu Kambikar को मिले Awards और सम्मान
Madhu Kambikar को उनके acting career और folk art में योगदान के लिए कई सम्मान मिले। Cinema Express की report के मुताबिक, उन्होंने अपने चार दशक से ज्यादा लंबे career में छह Maharashtra State Film Awards हासिल किए। उन्हें Shapit के लिए Filmfare recognition सहित अन्य honours भी मिले। 2007 में उन्हें Maharshi Shankarrao Mohite-Patil Lavani Kalavant Puraskar से सम्मानित किया गया था। <Cite refs={[“turn370170search1″,”turn370170search3”]}/>
ये awards उनके talent और Marathi performing arts में उनके योगदान की पहचान हैं। उनका काम केवल फिल्मों में निभाए गए किरदारों तक सीमित नहीं था; उन्होंने Lavani और traditional performance traditions को लोकप्रिय बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाई।
उन्होंने Sakhi Majhi Lavani जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से Lavani के इतिहास और सांस्कृतिक महत्व को दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया। उनकी artistic legacy आने वाली पीढ़ियों के performers के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।
2016 के Stroke के बाद बदल गई जिंदगी
November 2016 में Mumbai में एक Lavani performance के बाद Madhu Kambikar को paralytic stroke आया था। यह performance करीब 12 साल बाद stage पर उनकी वापसी के मौके पर हुई थी। Stroke के बाद उनके दाहिने हाथ पर असर पड़ा और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण वह पहले की तरह acting और stage performances जारी नहीं रख सकीं।
उनके लिए stage केवल काम करने की जगह नहीं था, बल्कि उनकी artistic identity का अहम हिस्सा था। इसलिए बीमारी के बाद performances से दूर होना उनके career में एक बड़ा बदलाव था। इसके बावजूद उनके पुराने काम और Lavani से जुड़ा योगदान दर्शकों के बीच उनकी पहचान बनाए रहे।
उनकी आखिरी बड़ी film appearance Aabhraan (2015) में बताई जाती है। बाद के वर्षों में वह public performances से दूर रहीं, लेकिन Marathi cinema और folk art में उनका योगदान लगातार याद किया जाता रहा।










