Pyre Movie Review: Vinod Kapri की फिल्म में दिखी उम्रदराज़ Couple की Love और Loneliness की कहानी
अगर आप Bollywood की बड़ी commercial फिल्मों, action sequences और बड़े सितारों से हटकर कोई ऐसी Hindi movie देखना चाहते हैं जो जिंदगी के छोटे-छोटे पलों से जुड़ी हो, तो Vinod Kapri की Pyre एक अलग तरह का cinematic experience पेश करती है। 30 October 2026 को theatres में रिलीज हुई यह film Uttarakhand के Kumaon region में रहने वाले एक बुजुर्ग couple की कहानी बताती है। उनकी जिंदगी में न कोई बड़ा drama है और न ही किसी glamorous दुनिया की चमक। उनकी दुनिया है पहाड़, छोटा सा घर, रोजमर्रा के काम और उस बेटे का इंतजार जो कई साल पहले बेहतर जिंदगी की तलाश में शहर चला गया था।
Pyre को लेकर हाल में कई movie reviews सामने आए हैं। The Hindu, Scroll और दूसरे publications ने फिल्म की कहानी, कलाकारों की natural performances और इसके emotional treatment पर ध्यान दिया है। फिल्म की खास बात यह है कि इसके मुख्य किरदार किसी established Bollywood star ने नहीं निभाए हैं। Padam Singh Kapri और Hira Devi, दोनों ने इस फिल्म से acting की दुनिया में कदम रखा है।
Pyre Movie की कहानी क्या है?
Pyre की कहानी Padam और उनकी पत्नी Tulsi के इर्द-गिर्द घूमती है। दोनों Uttarakhand के एक दूरदराज पहाड़ी गांव में रहते हैं। उनका बेटा करीब 28 से 30 साल पहले Mumbai चला गया था और लंबे समय से घर नहीं लौटा है। माता-पिता अब भी उसके वापस आने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
गांव की स्थिति भी धीरे-धीरे बदल रही है। रोजगार और बेहतर सुविधाओं की तलाश में लोग अपने घर छोड़कर शहरों की तरफ जा रहे हैं। कभी आबाद रहने वाला गांव अब खाली घरों और कुछ बचे हुए बुजुर्ग निवासियों तक सिमटता जा रहा है। Padam और Tulsi के लिए यह बदलाव सिर्फ गांव के खाली होने की कहानी नहीं है, बल्कि उनकी अपनी जिंदगी की मुश्किलों को भी बढ़ाता है।
बुनियादी सुविधाओं की कमी, अस्पताल तक पहुंचने की परेशानी और जरूरत के समय मदद के लिए दूसरे लोगों पर निर्भर रहना उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है। फिल्म इन स्थितियों को किसी बड़े भाषण के जरिए नहीं समझाती, बल्कि छोटे-छोटे घटनाक्रमों और couple की बातचीत से सामने लाती है।
कहानी में एक मोड़ तब आता है जब उनके बेटे का पत्र पहुंचता है। इससे दोनों के मन में उम्मीद जागती है कि शायद अब उनका बेटा घर लौट आएगा। इतने लंबे इंतजार के बाद मिलने वाली यह छोटी सी खुशी फिल्म के emotional हिस्सों में से एक है।
Padam Singh Kapri और Hira Devi की Acting कैसी है?
फिल्म की सबसे दिलचस्प बात इसके lead actors हैं। Padam Singh Kapri एक retired Army serviceman हैं, जबकि Hira Devi Uttarakhand की रहने वाली farmer हैं। दोनों को पहले professional acting का अनुभव नहीं था। Vinod Kapri ने कहानी को ज्यादा वास्तविक बनाने के लिए ऐसे लोगों को चुना जो उस पहाड़ी जीवन को करीब से जानते हैं जिसे फिल्म में दिखाया गया है।
Padam और Tulsi के बीच होने वाली छोटी-मोटी नोकझोंक कहानी को सहज बनाती है। दोनों एक-दूसरे की आदतों पर शिकायत करते हैं, कभी मजाक करते हैं और कभी अपनी परेशानियों को लेकर बहस भी करते हैं। लेकिन इन छोटी बातों के पीछे लंबे साथ से बना अपनापन साफ दिखाई देता है।
जब Tulsi की तबीयत खराब होती है, तब Padam की चिंता और उनकी देखभाल करने का तरीका उनके रिश्ते की गहराई दिखाता है। यहां प्यार को बड़े dialogues या dramatic gestures से नहीं, बल्कि रोजमर्रा के व्यवहार से समझाया गया है।
Scroll की review में दोनों non-professional performers की natural presence को फिल्म की खासियत बताया गया है। Hindustan Times ने भी उनकी performances और कहानी की सादगी को सराहा है।
Vinod Kapri की Direction और Film की Cinematography
Pyre को Vinod Kapri ने लिखा और direct किया है। फिल्म की storytelling जानबूझकर धीमी रखी गई है। इसमें तेज editing, लगातार twists या mainstream Hindi cinema वाला entertainment formula नहीं मिलता। निर्देशक दर्शकों को Padam और Tulsi की दुनिया में समय बिताने का मौका देते हैं।
Cinematographer Manas Bhattacharyya ने Kumaon के पहाड़ों, बादलों और गांव के शांत वातावरण को खूबसूरती से capture किया है। इन wide frames में प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ couple का अकेलापन भी महसूस होता है। आसपास फैले पहाड़ देखने में खूबसूरत हैं, लेकिन उन्हीं के बीच रहने वाले बुजुर्गों के लिए रोजमर्रा की जिंदगी कितनी कठिन हो सकती है, फिल्म यह पहलू भी सामने लाती है।
फिल्म का music भी इसके माहौल का अहम हिस्सा है। Oscar-winning composer Mychael Danna इस project से जुड़े हैं, जबकि Gulzar ने फिल्म के एक गीत के lyrics लिखे हैं।
Pyre Movie Review: Critics को कैसी लगी फिल्म?
Pyre को लेकर critics की प्रतिक्रियाएं काफी हद तक इसकी emotional storytelling और performances पर केंद्रित हैं। The Indian Express की review में फिल्म को ageing, loneliness, resilience और hope पर आधारित एक प्रभावशाली कहानी बताया गया। Scroll ने भी इसे अकेलेपन और जिंदगी की मुश्किलों से जूझते एक बुजुर्ग couple की moving story माना।
वहीं, हर review में फिल्म की pacing को पूरी तरह सही नहीं माना गया। Hindustan Times की समीक्षा के मुताबिक, कुछ हिस्सों में कहानी धीमी महसूस हो सकती है और दूसरे भाग में editing थोड़ी tighter हो सकती थी। Film Information ने भी इसके slow-paced और कुछ हद तक repetitive screenplay का जिक्र किया है।
इसलिए Pyre को ऐसी फिल्म कहना ज्यादा सही होगा जो हर तरह के दर्शक के लिए नहीं बनी है। अगर आपको तेज रफ्तार कहानी, बड़े twists और commercial entertainment पसंद है, तो इसकी धीमी शैली आपको लंबी लग सकती है। लेकिन अगर आप character-driven cinema और realistic performances देखना पसंद करते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए दिलचस्प हो सकती है।
क्या आपको Pyre देखनी चाहिए?
Pyre एक ऐसी Hindi film है जो बुजुर्गों के अकेलेपन, परिवार से दूरी, गांवों से पलायन और लंबे रिश्तों में मौजूद प्यार को सामने लाती है। इसकी सबसे बड़ी ताकत Padam Singh Kapri और Hira Devi की सहज performances हैं। फिल्म की धीमी गति कुछ दर्शकों को पसंद नहीं आ सकती, लेकिन इसकी कहानी में दिखाई गई भावनाएं इसे एक अलग पहचान देती हैं।
अगर आप Bollywood की mainstream फिल्मों से अलग हटकर meaningful Indian cinema देखना चाहते हैं, तो Pyre को अपनी watchlist में रख सकते हैं। यह फिल्म याद दिलाती है कि कई बार एक अच्छी कहानी के लिए बड़े सितारों या भारी भरकम dialogues की जरूरत नहीं होती। कभी-कभी दो लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी भी एक पूरी फिल्म का आधार बन सकती है।
Pyre उन दर्शकों के लिए एक thoughtful cinematic choice है जिन्हें slow-paced, realistic और emotional storytelling पसंद है। इसे देखने का फैसला अपनी पसंद और उपलब्ध theatrical show timings के अनुसार करें।








